UVC से कोरोना वायरस को ख़तम करें तो क्या होगा?

UVC : लाइट यह एक पावरफुल लाइट है Ultraviolet Light जो की सूरज से निकलती है . इतना पावरफुल है की आपको 1 सेकंड में जला सकता है।

अगर आप Sun को देखते हैं तो यह Sun से दस गुना अधिक स्ट्रांग हैं. लेकिन Ultraviolet Light इतना खतरनाक क्यों है, जबकि यह बहुत हेल्पफुल भी हो सकता हमारे लिए.

वैज्ञानिको ने पता लगाया है की हम कैसे इसकी पावर को यूज़ कर सकते है. और अभी हम Ultraviolet Light का उपयोग पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन के लिए अस्पतालों, और पैसों पर किया जाता है.

डेवलपिंग कन्ट्रीज में, पानी को Purify करने के लिए इस्तेमाल किया जाता, इसकी प्रतिष्ठा रोगाणुओं के एक हत्यारे के रूप में स्थापित है. इसी लिए लोगों सोच रहे क्या हम UVC के जरिए नोबेल कोरोना वायरस को खतम कर सकते हैं.

तो क्या हम इस का यूज़ कोरोना वायरस ख़तम करने में कर सकते है ? कैसे करेंगे use ? किया इसका use करना हमारे लिए खतरनाक होगा. चालों जानते हैं.

Ultraviolet Radiation

Sun तीन तरह की Ultraviolet light छोड़ता है, UVA, UVB, UVC. UVA पृथ्वी से टकराने वाली UV किरणों को बनता है. और UBA होता जो हमारे DNA को नुकसान पूछता है और हमारे स्किन को जला भी सकता है.

और UVC यह Ultraviolet Radiation इंसानो के लिए सबसे हानिकारक है. और यह माइक्रोओर्गनिज़म बैक्टीरिया, यहाँ तक वायरसों का जानलेवा है.

20 सदी में इसका उपयोग कीटाणुशोधन के लिए नसबंदी के लिए हुआ है. तो क्यों नहीं उपयोग किया जा सकता है कोरोना वायरस को ख़तम करने में ? क्या हमारा सबसे महत्तपूर्ण शोध है अभी और फ्यूचर में महमारिओं से लड़ने का ?

आप यह नहीं जानते होंगे, की Sun काफी समय से हमारी बिमारियों से लड़ रहा है. स्टडीज बताती की Sun की रेज़ इन्फ्लुएंजा के प्रसार को काम करती है.

पृथ्वी के ओज़ोन लेयर sun की UVC किरणों को हम तक पहुंचने से रोकती है. और यह अच्छी बात है. लेकिन वह हमारे पृथ्वी को कई विक्टरीआ को भी ख़तम कर सकते और साथ हमारी स्कीन को भी नुकशान पहुंचा सकते हैं.

यदि हम वायरस को मारने के लिए UVC लाइट का उपयोग करते हैं, तो हम एक कम हानिकारक संस्करण के लिए चुनते हैं जिसे अब तक UVC कहा जाता है। इस प्रकार की रोशनी कुशलता से उजागर त्वचा को नुकसान पहुंचाए बिना बैक्टीरिया को मारती है।

जबकि UVC आसानी से बायोलॉजिकल मटेरियल के द्वारा समा जाता है हमरे टिश्यू की तरह बाहरी त्वचा मृत होती है. इसलिए UVC किरणें हमारे शरीर के अंदर स्वस्थ कोशिकाओं के साथ इंटरैक्ट नहीं कर पाएंगी और कैंसर या अन्य बीमारियों को पैदा नहीं कर पाएंगी। लेकिन रोगाणु इतने छोटे होते है, मृत त्वचा की एक ही सुरक्षात्मक परत नहीं होती है, जो हम करते हैं, और वे UVC लाइट के द्वारा भाप बन जाते हैं.

UVC लैंप

हम UVC लाइट लैंप बनाते है तो प्रति $1,000 लगत होगी अगर जयदा तादद बनाते है तो काम बभी हो सकता है. हम अपनी सड़कों, पार्कों और हमारे सार्वजनिक प्रणालियों को रोगाणु-दूर करने वाले UVC लैंपों से रोशनी कर सकते हैं। हम रेलिंग पर भी स्थापित कर सकते हैं ताकि वे पूरे दिन अपने आप को निष्फल कर सकें।

लेकिन समस्या यह है की हमें यह नहीं पता की वह सभी बिमारिओं को ख़तम कर सकता है या नहीं , वायरस को ख़तम करने के लिए Ultraviolet light बीमारी या वायरस कैसे फैली इस पर निर्भर करता है।

अगर हम एक वायरस से निपट रहे हैं तो हम UVC लैंप को एक ट्रिक की तरह उपयोग कर सकते हैं, लेकिन अगर यह एक ऐसी बीमारी है जो सीधे संपर्क से फैलती है, तो UVC लैंप हमारी ज्यादा मदद नहीं कर सकता है।

हर वायरस एक अलग सेप और साइज में होता है, जिसका मितलब है कि हमें अपने हर नए वायरस के लिए UVC लैंप की शक्ति और एक्सपोज़र एडजस्ट करते रहना होगा,

लेकिन UVC लाइट हमें पूरी तरह से प्रोटेक्शन नहीं दे सकता सिर्फ कुछ ही मदद करसकता है और नहीं ही सभी बिमारियों में और वर्षों से इसीलिए हमें किसी भी चीज पर एकदम से किसी वायरस को ख़तम करने के लिए नहीं उपयोग कर सकते,

क्योंकि यह हमारे तसाजा के लिए नुकसान भी हो सकता है. और अगर हम इससे ठीक भी होते हैं तो भी इससे बनाने में ज्यादा खर्चा और समय भी लग सकता है.

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