OpenAI ला रहा है अपना AI वेब ब्राउज़र, Google Chrome को दे सकता है चुनौती

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में बड़ा नाम बन चुकी कंपनी OpenAI अब अपना खुद का वेब ब्राउज़र लॉन्च करने जा रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह नया “AI-पावर्ड वेब ब्राउज़र” अगले कुछ हफ्तों में उपलब्ध हो सकता है।

क्यों बना रहा है OpenAI ब्राउज़र?

OpenAI का मकसद साफ है — जैसे Google Chrome यूज़र्स का डेटा लेकर अपने विज्ञापन और AI सिस्टम को बेहतर बनाता है, ठीक वैसे ही OpenAI भी सीधा यूज़र डेटा इकट्ठा करना चाहता है। इसके पीछे दो मुख्य फायदे हैं:

  • AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए नई जानकारी मिलेगी
  • यूज़र्स को दिखाए जाने वाले AI-आधारित विज्ञापनों से कमाई हो सकेगी

ब्राउज़र में क्या होगा खास?

इस नए ब्राउज़र में ChatGPT को पूरी तरह शामिल किया जा सकता है। यानी:

  • सामान्य सर्च बार की जगह आपको ChatGPT बॉक्स मिल सकता है
  • वेबसाइट पर पढ़ते वक्त सीधे ChatGPT से सवाल पूछने का ऑप्शन होगा
  • AI प्लगइन और स्मार्ट फीचर्स देखने को मिल सकते हैं

हालांकि, डेटा सुरक्षा (privacy) एक बड़ा सवाल बना रहेगा। Chrome की तरह ही OpenAI का ब्राउज़र भी यूज़र डेटा पर नज़र रख सकता है। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि इसमें कुछ प्राइवेसी ऑप्शन भी दिए जा सकते हैं।

टक्कर कड़ी है

OpenAI को Google Chrome से मुकाबला करना आसान नहीं होगा।

  • जून 2025 तक Chrome का मार्केट शेयर 68.3% है
  • Safari दूसरे नंबर पर है, लेकिन उसका हिस्सा सिर्फ 16.25% है
  • नया ब्राउज़र आते ही इतने बड़े प्लेटफॉर्म्स से टक्कर लेना चुनौती भरा होगा

साथ ही, OpenAI अकेली कंपनी नहीं है जो ऐसा ब्राउज़र बना रही है।
हाल ही में Perplexity AI ने अपना ब्राउज़र “Comet” टेस्टिंग के लिए कुछ यूज़र्स को दे दिया है। यानी AI कंपनियाँ अब वेब ब्राउज़िंग को अपना अगला मैदान मान चुकी हैं।

OpenAI का AI ब्राउज़र वेब एक्सपीरियंस को पूरी तरह बदल सकता है — लेकिन इसके साथ ही यूज़र डेटा और प्राइवेसी पर भी सवाल खड़े करेगा। भारत जैसे देश में, जहाँ ChatGPT का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, यह नया ब्राउज़र लोगों को आकर्षित कर सकता है — लेकिन Chrome जैसी पकड़ बनाना आसान नहीं होगा।

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