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MP Board Class 12th Hindi Chapter 9 जागो फिर एक बार Solutions

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MP Board Class 12th Hindi Makrand Solutions Chapter 9 जागो फिर एक बार (कविता, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’)

जागो फिर एक बार परीक्षोपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्न

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न –

प्रश्न 1.
‘जागो फिर एक बार’ कविता में ……… का भाव निहित है। (M.P. 2012)
(क) राष्ट्रीय नवजागरण
(ख) राष्ट्रीय एकता
(ग) राष्ट्रीय भाषा
(घ) राष्ट्रीय भक्ति
उत्तर:
(क) राष्ट्रीय नवजागरण।

प्रश्न 2.
‘जागो फिर एक बार’ कविता ……… के आंदोलन की पृष्ठभूमि पर सजितं है।
(क) सामाजिक समता प्राप्ति
(ख) स्वतंत्रता प्राप्ति
(ग) आर्थिक मुक्ति प्राप्ति
(घ) अंग्रेज भगाओ
उत्तर:
(ख) स्वतंत्रता प्राप्ति।

प्रश्न 3.
गुरु गोविंद सिंह ……. के गुरु थे।
(क) ईसाइयों
(ख) जैनों
(ग) सिखों
(घ) बौद्धों
उत्तर:
(ग) सिखों।

प्रश्न 4.
भारतीयों को किसका रूप माना गया है?
(क) शिव का
(ख) ब्रह्मा का
(ग) इन्द्र का
(घ) विष्णु का
उत्तर:
(ख) ब्रह्मा का।

प्रश्न 5.
‘सत्श्री अकाल’ किस धर्म से संबंधित है?
(क) सिख धर्म से
(ख) इस्लाम धर्म से
(ग) मानव धर्म से
(घ) सनातन धर्म से
उत्तर:
(क) सिख धर्म से।

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प्रश्न 6.
“तुम हो महान्, तुम सदा हो महान्” यह भारतीयों में किसका ड्का महामंत्र है?
(क) महात्मा गाँधी
(ख) ऋषियों
(ग) गुरु गोविंद सिंह
(घ) स्वापी दयानंद
उत्तर:
(ख) ऋषियों।

प्रश्न 7.
“मृत्युंजय व्योमवेश के समान’ में ‘मृत्युंजय’ किसे कहा गया है?
(क) भगवान शिव को
(ख) भगवान श्रीकृष्ण को
(ग) भगवान विष्णु को
(घ) रावण को
उत्तर:
(क) भगवान शिव को।

प्रश्न 8.
तीन ताप कौन-कौन से हैं?
(क) दैहिक, दैविक और भौतिक
(ख) लौकिक, अलौकिक और आध्यात्मिक
(ग) समुद्री, आकाशीय और स्थलीय
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(क) दैहिक, दैविक और भौतिक।

प्रश्न 9.
‘जागो फिर एक बार’ कविता के रचयिता हैं – (M.P. 2010)
(क) श्री सुमित्रानंदन पंत
(ख) श्री सूर्यकांत त्रिपाठी
(ग) बालकवि बैरागी’
(घ) श्री जयशंकर प्रसाद’
उत्तर:
(ख) श्री सूर्यकांत त्रिपाठी

प्रश्न 10.
“सवा लाख पर एक को चढ़ाऊँगा।” की घोषणा की थी –
(क) ऋषियों ने
(ख) सिन्धु-नद-तीरवासी ने
(ग) गुरु गोविन्द सिंह ने
(घ) सत्श्री अकाल ने
उत्तर:
(ग) गुरु गोविन्द सिंह ने।

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II. निम्नलिखित रिक्त स्थानों की पूर्ति दिए गए विकल्पों के आधार पर कीजिए –

  1. ‘समन्वय’ पत्रिका का सम्पादन ………. के द्वारा किया गया। (महावीर प्रसाद द्विवेदी ‘निराला’)
  2. ‘निराला’ स्वच्छंदतावादी काव्य-संसार के ………. कवि रहे। (सर्वोत्कृष्ट श्रेष्ठ)
  3. ‘जागो फिर एक बार’. ………. प्रधान कविता है। (सामाजिक चेतना, राष्ट्रीय चेतना)
  4. ‘जागो फिर एक बार’ कविता ………. छन्द में है। (मुक्तक/मात्रिक)
  5. ‘योग्य जन जीता है’ उक्ति है ………. । (पश्चिम की गीता की)

उत्तर:

  1. ‘निराला’
  2. सर्वोत्कृष्ट
  3. राष्ट्रीय चेतना
  4. मुक्तकं
  5. गीता की।

III. निम्नलिखित कथनों में सत्य/असत्य छाँटिए –

  1. कवि ने भारतीयों को शेर और अंग्रेजों को सियार कहा है।
  2. ‘योग्य जन जीता है’ यह उक्ति पश्चिमी है।
  3. गुरु गोविन्द सिंह ईसाइयों के गुरु थे।
  4. ‘सत् श्री अकाल’ सिख धर्म से संबंधित है।
  5. ‘मृत्युंजय व्योमकोश के समान’ में मृत्युंजय भगवान विष्णु को कहा गया है।

उत्तर:

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. असत्य
  4. सत्य
  5. असत्य।

IV. निम्नलिखित के सही जोड़े मिलाइए –

प्रश्न 1.

  1. समर शूर (क) दिन
  2. रण (ख) भस्म
  3. अमृत (ग) समर
  4. जला (घ) अमर
  5. दुर्बल (ङ) अमर

उत्तर:

(i) (ङ)
(ii) (ग)
(iii) (घ)
(iv) (ख)
(v) (क)।

V. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए –

प्रश्न 1.
‘तुम हो महान्, तुम सदा हो महान्’ किसका महामंत्र है?
उत्तर:
ऋषियों का।

प्रश्न 2.
अपना बच्चा छिनता देख सिंहनी क्या करती है?
उत्तर:
सिंहनी अपनी गोद से बच्चा छीनने पर भयंकर दहाड़ करती हुई खाने के लिए दौड़ने लगती है।

प्रश्न 3.
दीन भाव क्या है?
उत्तर:
कायरता और कामपरता।

प्रश्न 4.
तीन गुण कौन-कौन हैं?
उत्तर:
सत्व, रज और तम।

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प्रश्न 5.
तीन ताप कौन-कौन हैं?
उत्तर:
दैविक, दैहिक और भौतिक।

जागो फिर एक बार लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
‘जागो फिर एक बार’ कविता के रचयिता कौन हैं?
उत्तर:
‘जागो फिर एक बार’ कविता के रचयिता सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ हैं।

प्रश्न 2.
‘जागो फिर एक बार’ कविता में कवि किसे जगा रहा है?
उत्तर:
इस कविता में कवि भारतीयों को जगा रहा है।

प्रश्न 3.
‘शेरों की माँद में आया है आज स्यार’ इसमें ‘स्यार’ किसे कहा गयाहै।
उत्तर:
इसमें ‘स्यार’ अंग्रेजों को कहा गया है।

प्रश्न 4.
भारतीयों को पशु तुल्य क्यों कहा गया है?
उत्तर:
यदि भारतीय कृतज्ञ होकर अपने देश को दासता से मुक्ति नहीं दिला सके, तो पशु तुल्य हैं।

प्रश्न 5.
‘जागो फिर एक बार’ कविता में क्या दिया है?
उत्तर:
‘जागो फिर एक बार’ कविता में कवि ने भारतीयों को जागरथ का संदेश दिया है।

प्रश्न 6.
भारत देश की क्या परम्परा रही है?
उत्तर:
भारत देश की परम्परा वीरों की रही है।

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प्रश्न 7.
गुरु गोविन्द सिंह ने क्या कहा था?
उत्तर:
गुरु गोविन्द सिंह ने कहा था –
“सवा-सवा लाख पर
एक को चढ़ाऊँगा,
गोविन्द सिंह निज
नाम तब कहाऊँगा।’

जागो फिर एक बार दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
गुरु गोविन्द सिंह ने ‘सवा लाख पर एक चढ़ाऊँगा’ की घोषणा क्यों की थी?
उत्तर:
गुरु गोविन्द सिंह ने सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए यह घोषणा की थी कि उसका एक-एक वीर सिपाही शत्रु की सेना के सवा लाख सिपाहियों के बराबर है। यदि वह रणभूमि में मरा तो शत्रुओं की सेना के सवा लाख सिपाहियों को ही मारकर मरेगा। इस नारे से सेना के सिपाही का उत्साह बढ़ता था और वह स्वयं को अजेय समझने लगता था।

प्रश्न 2.
उत्सर्ग की किस परंपरा का उल्लेख किया है?
उत्तर:
कवि ने उत्सर्ग की उस परंपरा का उल्लेख किया है, जिसमें युद्ध के फाग में खून की होली खेलते हुए अनेक वीरों ने अपने प्राणों को न्यौछावर कर दियाथा।

प्रश्न 3.
कवि भारतीयों को क्यों जागत करना चाहता है?
उत्तर:
इस कविता में कवि भारतीयों को स्वतंत्रता प्राप्ति के महासंग्राम में एक योद्धा की तरह भाग लेने के लिए जागृत करना चाहता है।

प्रश्न 4.
कवि ने बलिदान की किस परम्परा का उल्लेख किया है?
उत्तर:
कवि ने बलिदान की उस परम्परा का उल्लेख किया है जिसमें युद्ध के फाग में रंगे रंग की तरह मानकर अनेक भारतीय वीरों ने अपने प्राणों को न्योछावर कर दिए। युद्ध-भूमि में अपने प्राणों का बलिदान करने वाले इन धीरों ने परमपद प्राप्त करके मृत्यु पर मानो विजय प्राप्त कर ली।

प्रश्न 5.
अपनी महान् और वीरतापूर्ण परम्परा को हमेशा बनाए रखने के लिए कवि ने क्या सुझाव दिए हैं?
उत्तर:
अपनी महान् और वीरतापूर्ण परम्परा को हमेशा बनाए रखने के लिए कवि ने ये सुझाव दिए हैं कि हमें अपनी सारी कायरता को भूल जाना चाहिए। अपने पुरुषार्थ और पराक्रम को जगाना चाहिए। अपनी गुलामी के बंधनों को त्यागने के लिए जागना होगा। हमें अपने ऋषियों द्वारा दिए गए महामंत्र ‘तुम हो महान्, तुम सदा हो महान्’ को हमेशा याद रखना चाहिए।

जागो फिर एक बार पाठ्य-पुस्तक पर आधारित प्रश्न

जागो फिर एक बार लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
‘सवा-सवा लाख पर’ एक को चढ़ाने की घोषणा किसने की थी?
उत्तर:
सवा-सवा लाख पर एक चढ़ाने की घोषणा गुरु गोविन्द सिंह ने की थी।

प्रश्न 2.
गीता की उक्ति क्या है?
उत्तर:
गीता की उक्ति है कि इस संसार में योग्य व्यक्ति ही जीता है।

प्रश्न 3.
‘ताप-त्रय’. कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
दैहिक, दैविक और भौतिक ताप-त्रय हैं।

प्रश्न 4.
‘सिंधु-नद-तीरवासी’ किसे कहा गया है?
उत्तर:
भारतवासियों को सिंधु-नद-तीरवासी कहा गया है।

जागो फिर एक बार दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
मेषमाता तप्त आँसू क्यों बहाती है?
उत्तर:
मेषमाता निर्बल होती है। उसकी संतान जब उससे छीनी जाती है, तो वह चुपचाप देखती रह जाती है इस प्रकार वह अपने जन्म पर दुखी होकर अपने तप्त आँसू बहाती है।

प्रश्न 2.
ऋषियों का महामंत्र क्या है?
उत्तर:
ऋषियों का महामंत्र है कि तुम महान् हो, तुम सदा से महान् हो। यह शरीर नाशवान है और इसके साथ ही यह हीनता दिखाना, कायरतापूर्ण व्यवहार करना तथा काम भावना में प्रवृत्तं रहना आदि भी स्थायी नहीं हैं बल्कि शीघ्र ही नष्ट होने वाले हैं। तुम ब्रह्म हो और सारा संसार तुम्हारे चरणों की धूल के बराबर नहीं है। अतः तुम उठो और अपनी शक्ति पहचानो तथा उसके अनुरूप कार्य करो।

प्रश्न 3.
कवि ‘जागो फिर एक बार’ में क्या उद्बोधन देता है? (M.P. 2012)
उत्तर:
कवि ने ‘जागो फिर एक बार’ कविता में भारतीयों को उद्बोधन दिया है कि स्वतन्त्रता प्राप्ति के महासंग्राम में योद्धा की तरह संघर्ष करो। अपनी वीस्वती परंपरा को अक्षुण्ण रखने वाले भारतीय व्यक्ति को अपनी संपूर्ण कायरता को त्यागकर अपने पराक्रमी और पुरुषार्थी स्वरूप को जागृत करो। अपनी दासता के संपूर्ण बंधनों को तोड़ने के लिए उसे जागृत करना आवश्यक है।

प्रश्न 4.
शिशु के छिनने पर सिंही और मेषमाता के व्यवहार में क्या अंतर है? (M.P. 2010)
उत्तर:
यदि सिंहनी की गोद से कोई उसका शिशु छीनने का प्रयत्न करे, तो वहचुप नहीं रहती। वह इतने जोर से दहाड़ती है कि उसके बच्चे को भयभीत होकर छोड़कर भाग जाता है। दूसरी ओर मेषमाता अपने बच्चे को छीनने वाले को चुपचाप देखती रहती है, क्योंकि वह कमजोर है। इसलिए अपने जन्म पर दुखी होकर आँसू बहाती रह जाती है। इसके विपरीत सिंहनी अपने शिशु की रक्षा के लिए उग्र रूप धारण कर लेती है जबकि मेषमाता अपने बच्चे की रक्षा के लिए कोई भी प्रयास नहीं करती।

जागो फिर एक बार भाव-विस्तार/पल्लवन

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्तियों का भाव-विस्तार कीजिए –

  1. हे नश्वर यह दीन भाव-कायरता, कामपरता।
  2. अभय हो गए हो तुम मृत्युंजय व्योमकेश के समान अमृत संतान।

उत्तर:

1. यह मानव शरीर नाशवान है और इसके साथ ही यह दीनता दिखाना, कायरतापूर्ण व्यवहार करना तथा कामभावना में प्रवृत्त रहना आदि भावनाएँ भी नश्वर हैं। जब शरीर ही नष्ट होने वाला है तो ये भाव भी स्थायी नहीं हैं। बल्कि ये भी शीघ्र नष्ट होने वाले हैं। इसलिए अपनी शक्ति को पहचानकर, उसी के अनुरूप कार्य करो।

2. तीनों प्रकार के गुण सत, रज और तम तथा तीन प्रकार के ताप दैविक, भौतिक तथा आध्यात्मिक अग्नि में जलकर भस्म हो गए थे। हे भारतवासियो! ऐसी स्थिति तुम मृत्यु को जीतने वाले भगवान शिव के समान निडर हो गए थे। तुम्हें मृत्यु का भय नहीं रहा था। अभयदान मिल जाने से तुम अमर हो गए थे।

जागो फिर एक बार भाषा-अनुशीलन

प्रश्न 1.
‘शप्त-सप्त’ समोच्चारित शब्द-युग्म है। इसी प्रकार के पाँच शब्द-युग्म लिखिए।
उत्तर:

  • अनल – अनिल
  • गुप्त – सुप्त
  • दिन – दीन
  • सुत – सूत
  • कूल – कुल।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित अनेकार्थी शब्द हैं। प्रत्येक के ऐसे दो-दो वाक्य बनाइए जिससे उनके भिन्न अर्थ स्पष्ट हों –
सैंधव, काल, गुण, पद।
उत्तर:
सैंधव:

  1. सैंधव की थाह कोई नहीं पा सकता।
  2. महाभारत काल में सैंधव नरेश जयद्रथ था।

काल:

  1. विकराल काल से कोई नहीं बच सकता।
  2. संध्या काल पक्षी घर लौट रहे हैं।

गुण:

  1. काव्य के भी गुण-दोष होते हैं।
  2. गुणी का सब जगह आदर होता है।

पद:

  1. मुझे अध्यक्ष का पद मिल गया है।
  2. इस पद की रचना कबीर ने की है।

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित पारिभाषिक शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए –
सच्चिदानंद, परमाणु, सहस्रार, माया।
उत्तर:

  • सच्चिदानंद – ईश्वर का दूसरा नाम ही सच्चिदानंद है।
  • परमाणु – आज सभी राष्ट्र परमाणु शक्ति सम्पन्न बनना चाहते हैं।
  • सहस्रार – भक्ति का अंतिम पड़ाव सहस्रार है।
  • माया – माया ईश्वर की प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा है।

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