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MP Board Class 12th Hindi Chapter 8 बीमार का इलाज Solutions

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MP Board Class 12th Hindi Makrand Solutions Chapter 8 बीमार का इलाज (एकांकी, उदयशंकर भट्ट) Solutions with pdf file .

बीमार का इलाज परीक्षोपयोगी अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
अंग्रेजी सभ्यता व रहन-सहन का प्रेमी है –
(क) कांति
(ख) विनोद
(ग) शांति
(घ) चंद्रकांत
उत्तर:
(घ) चंद्रकांत।

प्रश्न 2.
विनोद लापरवाही से कभी उठकर बैठ जाता है और कभी………….है।
(क) उठकर खाँसने लगता
(ख) उठकर टहलने लगता
(ग) उठकर जाने लगता
(घ) उठकर दवाई लेने लगता
उत्तर:
(ख) उठकर टहलने लगता।

प्रश्न 3.
प्रतिमा का केस खराब कर दिया था –
(क) वैद्य हरिचंद्र ने
(ख) डॉक्टर गुप्ता ने
(ग) डॉ. भटनागर ने
(घ) पुजारीजी ने
उत्तर:
(ग) डॉ. भटनागर ने।

प्रश्न 4.
‘दूध तो मैं पिऊँगा नहीं’, किसने कहा?
(क) कांति ने
(ख) शांति ने
(ग) प्रतिमा ने
(घ) विनोद ने
उत्तर:
(घ) विनोद ने।

प्रश्न 5.
मैं चाहता हूँ कि अपनी जान-पहचान के लोग सदा ……. रहें।
(क) प्रसन्न
(ख) बीमार
(ग) निरोग
(घ) स्वस्थ
उत्तर:
(क) प्रसन्न।

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प्रश्न 6.
कांति के साथ पढ़े हैं –
(क) डॉ. भटनागर
(ख) डॉ. नानकचंद
(ग) वैद्य हरिचंद
(घ) विनोद
उत्तर:
(घ) विनोद।

प्रश्न 7.
सुखिया किस चिकित्सा पद्धति में विश्वास करता है?
(क) झाड़-फूंक
(ख) एलोपैथी
(ग) होमियोपैथी
(घ) आयुर्वेदिक
उत्तर:
(क) झाड़-फूंक।

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प्रश्न 8.
बीमारी पहचानने में कर तो ले कोई मेरा मुकाबला, कहा –
(क) हरिचंद्र वैद्य ने
(ख) डॉ. गुप्ता ने
(ग) डॉ. नानकचंद ने
(घ) चंद्रकांत ने
उत्तर:
(क) डॉ. नानकचंद ने।

प्रश्न 9.
मुझे इस घर में सब बीमार मालूम पड़ते हैं, कहा –
(क) डॉ. नानकचंद ने
(ख) डॉ. गुप्ता ने
(ग) डॉ. भटनागर ने
(घ) हरिचंद ने वैद्य
उत्तर:
(क) हरिचंद वैद्य ने।

प्रश्न 10.
अब इस घर में मेरी कोई जरूरत नहीं है, किसने कहा –
(क) प्रतिमा ने
(ख) सरस्वती ने
(ग) चन्द्रकांत ने
(घ) कांति ने
उत्तर:
(ख) सरस्वती ने।

II. निम्नलिखित रिक्त स्थानों की पूर्ति दिए गए विकल्पों के आधार पर करें –

  1. ‘बीमार का इलाज’ ………. है। (नाटक/एकांकी) (M.P. 2012)
  2. ………. ने कहा, “दूध तो पिऊँगा नहीं। (विनोद/कांति)
  3. ………. ने कहा, “ये बाल धूप में सफेद नहीं हुए।” (सरस्वती/चन्द्रकांत)
  4. उदयशंकर भट्ट का जन्म सन् ………. ई० में हुआ था। (1966/1897)
  5. ‘बीमार का इलाज’ में ………. है। (मनोरंजन/व्यंग्य)

उत्तर:

  1. एकांकी
  2. विनोद
  3. चन्द्रकांत
  4. 1897
  5. व्यंग्य।

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III. निम्नलिखित कथनों में सत्य/असत्य’ छाँटिए –

  1. ‘बीमार का इलाज’ एक निबंध है। (M.P. 2009)
  2. परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने ढंग से इलाज कराते हैं।
  3. ‘बीमार का इलाज’ की भाषा तत्सम है।
  4. सुखिया-झाड़-फूंक में विश्वास करता है।
  5. कांति अपने मित्र विनोद को अपने साथ रहने के लिए लाया था।’

उत्तर:

  1. असत्य
  2. सत्य
  3. असत्य
  4. सत्य
  5. असत्य।

IV. निम्नलिखित के सही जोड़े मिलाइए –

प्रश्न 1.

उत्तर:

(i) (ग)
(ii) (घ)
(iii) (ङ)
(iv) (ख)
(v) (क)।

V. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए –

प्रश्न 1.
विनोद को अचानक क्या हो गया?
उत्तर:
बुखार।

प्रश्न 2.
सरस्वती किस विचारधारा की थी?
उत्तर:
रूढ़िवादी।

प्रश्न 3.
नानकचंद कौन है?
उत्तर:
नानकचंद होम्योपैथी का डॉक्टर है।

प्रश्न 4.
विनोद क्यों बाहर घूमने निकल जाता है?
उत्तर:
वह अपने इलाज के लिए होने वाले झगड़े से परेशान होकर बाहर निकल जाता है।

प्रश्न 5.
विनोद की छुट्टियाँ क्यों बेकार हो गईं?
उत्तर:
बुखार आने से विनोद की छुट्टियाँ वेकार हो गई।

बीमार का इलाज लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
विनोद ने क्यों कहा कि मेरी छुट्टियाँ बेकार हो गईं?
उत्तर:
विनोद आगरा आकर बीमार पड़ गया। अब वह घूमने के लिए गाँव नहीं जा सका, इसलिए उसने कहा कि सारी छुट्टियाँ बेकार हो गई।

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प्रश्न 2.
चंद्रकांत ने डॉक्टर भटनागर के संबंध में क्या कहा?
उत्तर:
चंद्रकांत ने कहा, “डॉक्टर भटनागर इस घर में कदम नहीं रख सकता।”

प्रश्न 3.
होमियोपैथी का डॉक्टर कौन है?
उत्तर:
होमियोपैथी का डॉक्टर नानकचंद है।

प्रश्न 4.
सरस्वती पंडित से किसका मार्जन करने के लिए कहती है और क्यों?
उत्तर:
सरस्वती पंडितजी से विनोद का मार्जन करने के लिए कहती है ताकि सारी अला-बला दूर हो जाए।

प्रश्न 5.
चंद्रकांत ने वैद्यजी की दवा के संबंध में क्या कहा है?
उत्तर:
वैद्यों की दवा पीना मृत्यु को बुलाना है।

प्रश्न 6.
कांति ने विनोद के बारे में क्या सोचा था?
उत्तर:
कांति ने विनोद के बारे में सोचा था-कुछ दिन यहाँ घर में आनंद-मौज करेंगे। फिर खूब गाँव की सैर करेंगे।

प्रश्न 7.
“डॉक्टर भटनागर इस घर में कदम नहीं रख सकता।” ऐसा किसने कहा?
उत्तर:
“डॉक्टर भटनागर इस घर में कदम नहीं रख सकता।” ऐसा कांति के पिता चन्द्रकांत ने कहा।

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प्रश्न 8.
डॉक्टर भटनागर ने किसका केस खराब कर दिया था?
उत्तर:
डॉक्टर भटनागर ने प्रतिमा का केस खराब कर दिया था।

बीमार का इलाज दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
विनोद के लिए कांति ने किस प्रकार के इलाज का सुझाव दिया?
उत्तर:
कांति होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में विश्वास रखता था। इसी कारण वह अपने मित्र विनोद का इलाज होम्योपैथी के डॉक्टर से करवाना चाहता था। उसके अनुसार होम्योपैथी के डॉक्टर के हाथ में जादू-सा प्रतीत होता था। उसका होम्योपैथी पर विश्वास दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा था।

प्रश्न 2.
घर के अलग-अलग सदस्यों ने बीमार का इलाज कैसे किया? ‘बीमार का इलाज’ पाठ के आधार पर लिखिए।
उत्तर:
‘बीमार का इलाज’ एकांकी में परिवार के सदस्यों के विचार आपस में कहीं नहीं मिलते थे। वे बीमार की तकलीफ को ध्यान न देकर अपनी सलाह को ही कार्यान्वित करना चाहते थे। विनोद का मित्र होम्योपैथी पद्धति से इलाज करवाना चाहता था, तो पिता एलोपैथी पर विश्वास रखते थे और माँ आयुर्वेद द्वारा इलाज करवाना चाहती थीं। साथ ही पंडित द्वारा मार्जन भी करवा रही थीं।

प्रश्न 3.
‘बीमार का इलाज’ एकांकी के किन्हीं चार पात्रों के नाम लिखिए।
उत्तर:

  1. चंद्रकांत-आगरा का एक रईस, जो अंग्रेजी सभ्यता व रहन-सहन का प्रेमी है। उम्र 45 वर्ष।
  2. कांति-चंद्रकांत का बड़ा पुत्र। उम्र लगभग 21-22 वर्ग।
  3. विनोद-कांति का समवयस्क मित्र।
  4. सरस्वती-कांति की माँ-अपने पति के सर्वथा भिन्न, दुवली-पतली, पुराने विचारों की।

प्रश्न 4.
“मुझे इस घर में सभी बीमार मालूम पड़ते हैं”-‘बीमार का इलाज’ एकांकी में डॉक्टर ने यह वाक्य क्यों कहा?
उत्तर:
डॉ. नानकचंद ने कांति के परिवार के सभी सदस्यों की अलग-अलग सोच और पारस्परिक समझ के अभाव के कारण सभी को मानसिक रूप से बीमार पाया। वे सभी अपने-आप को श्रेष्ठ समझते हैं और अपने-अपने दृष्टिकोण को ही सही मानते हैं। इसलिए सभी अपनी-अपनी चिकित्सा-पद्धति से विनोद का इलाज कराने की कोशिश करते हैं। डॉ. नानकचंद के आने पर विनोद परेशान होकर घूमने चला जाता है।

डॉक्टर उसे नींद में घूमने की बीमारी बता देते हैं। चन्द्रकांत डॉक्टर को बताता है कि डॉक्टर ने उसे बुखार की देवा दी है और सरस्वती बताती है कि वैद्य ने उसे अपच का काढ़ा दिया है। सुखिया अपना मत व्यक्त करता है कि फायदा तो ओझा से उसके द्वारा लाए जल से हुआ है। डॉ. नानकचंद सभी को मानसिक रूप से बीमार मान लेते हैं।

प्रश्न 5.
घर के लोग घर में आया मेहमान का किस-किस तरह से इलाजकरवाते हैं?
उत्तर:
घर के लोग घर में आए मेहमान का अलग-अलग तरह से इलाज करवाते – हैं। एक ओर मेहमान को एलोपैथिक डॉक्टर की दवा लेनी पड़ती है, तो दूसरी ओर वैद्यजी की। इसी प्रकार एक ओर मंदिर के पुजारी उस पर जल छिड़कने आते हैं, तो दूसरी ओर होम्योपैथिक डॉक्टर की दवाई पर उसे विश्वास करने के लिए कहा जाता है। इस तरह घर के लोगों की रुचि के अनुसार इलाज होता रहा।

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प्रश्न 6.
“मेरा बुखार घूमने से उतरता है।” ऐसा विनोद ने क्यों कहा?
उत्तर:
“मेरा बुखार घूमने से उतरता हैं।” ऐसा विनोद ने कहा। इसलिए क्योंकि उसका इलाज घर के लोग अपनी-अपनी रुचि के अनुसार करवाते हैं। इससे वह ठीक नहीं हो पाता है। यही नहीं, एक स्थिति ऐसी भी आ जाती है कि उसके इलाज को लेकर घर के स्वामी और उसकी पत्नी आपस में झगड़ने लगते हैं। इसे देखकर वह परेशान हो उठता है। फिर वह यह कहते हुए बाहर निकल जाता है- “मेरा बुखार घूमने से उतरता है।”

बीमार का इलाज पाठ्य-पुस्तक पर आधारित प्रश्न

बीमार का इलाज लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
चंद्रकांत किस सभ्यता व रहन-सहन का प्रेमी था?
उत्तर:
चंद्रकांत अंग्रेजी सभ्यता व रहन-सहन का प्रेमी था।

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प्रश्न 2.
कांति अपने मित्र को आगरा क्यों लाया?
उत्तर:
कांति अपने मित्र को छुट्टियाँ बिताने के लिए आगरा लाया था।

प्रश्न 3.
आगरा पहुँचने पर विनोद का मज़ा किरकिरा क्यों हो गया था?
उत्तर:
आगरा पहुंचने पर विनोद बीमार पड़ गया और उसका सारा मज़ा किरकिरा हो गया था।

प्रश्न 4.
घर में स्वच्छता और सलीके का अभाव क्यों था?
उत्तर:
नौकर पर निर्भर रहने तथा रूढ़िवादी गृहस्वामिनी सरस्वती के कारण घर में स्वच्छता और सलीके का अभाव था।

प्रश्न 5.
होम्योपैथी के प्रति विश्वास किसे था और क्यों?
उत्तर:
कांति का विश्वास होम्योपैथी के डॉक्टर नानक चंद के प्रति है क्योंकि उनके हाथ में जादू है। कांति को विश्वास है कि उनके इलाज से शाम तक बुखार उतर जाएगा।

प्रश्न 6.
डॉ. गुप्ता ने विनोद का मार्जन होते देखकर क्या कहा?
उत्तर:
डॉ. गुप्ता ने विनोद का मार्जन होते देखकर कहा, “महाराज क्यों मारना चाहते हो बीमार को? निमोनिया हो जाएगा। अटरन्यूसेन्स।”

बीमार का इलाज दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
“तुमने तो कुंभकरण के चाचा को भी मात कर दिया” यह कथन किसने, किससे और क्यों कहा था?
उत्तर:
यह कथन कांति ने अपने मित्र विनोद से कहा था, क्योंकि वह आठ बजे तक सोता रहा। विनोद को कांति के साथ गाँव जाना था। इसलिए उसे अब तक तैयार हो जाना चाहिए था।

प्रश्न 2.
चंद्रकांत विनोद के इलाज के लिए किसे बुलाना उचित समझते है? कारण स्पष्ट कीजिए। इससे आप कहाँ तक सहमत हैं?
उत्तर:
चंद्रकांत विनोद के इलाज के लिए एलोपैथी के डॉक्टर गुप्ता को बुलाना उचित समझते हैं। इसका कारण यह है कि चंद्रकांत को एलोपैथी चिकित्सा-पद्धति पर विश्वास है। उनका मानना है कि डॉ. गुप्ता ने प्रतिमा का बुखार आते ही उतार दिया था। दूसरी बात यह कि वे मानते थे कि ‘कड़वी भेषज बिन पिये मिटे न तन को ताप।’ हम चंद्रकांत की बात से बिलकुल सहमत नहीं हैं; क्योंकि अन्य चिकित्सा पद्धति भी रोगों का निदान करने की क्षमता रखती है।

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प्रश्न 3.
सुखिया विनोद की किस प्रकार की चिकित्सा के पक्ष में था? क्या आप उसके इलाज से सहमत होते?
उत्तर:
सुखिया विनोद की झाड़-फूंक की पद्धति से चिकित्सा कराने के पक्ष में था। उसका विश्वास था कि ओझा के हाथ फेरते ही बुखार उतर जाएगा। इसीलिए वह ओझा से अभिमंत्रित जल भी लाया था।

प्रश्न 4.
‘कड़वी भेषज बिन पिये, मिटे न तन को ताप’ चंद्रकांत के इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
इसका आशय है कि कड़वी औषधि (दवाई) पिये विना शरीर का ताप नहीं मिटता। बुखार से छुटकारा पाने के लिए कड़वी दवा पीना आवश्यक होता है। स्वस्थ होने के लिए कड़वी दवाई तो पीनी ही पड़ती है।

प्रश्न 5.
परिवार के सदस्यों में इलाज के संबंध में हुए विवाद का विनोद पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
कांति का मित्र विनोद छुट्टियाँ मनाने कांति के घर आगरा गया था। वहाँ उसे बुखार आ गया, जिससे एक तो उसकी छुट्टियों का मजा किरकिरा हो गया दूसरा, घर में सब उसके इलाज को लेकर झगड़ रहे थे जिससे विनोद परेशान हो गया। वह झगड़े से इतना परेशान हो गया था कि उसे किसी की भी दवाई न पीने का निर्णय लेना पड़ा। जब उसे यह समझ में नहीं आया कि वह किसकी बात माने या किसकी न माने, तो वह बाहर जाने के लिए उठा और बोला-मेरा बुखार घूमने से उतरता है।

बीमार का इलाज भाव-विस्तार/पल्लवन

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्ति का भाव-विस्तार कीजिए’ –

प्रश्न 1.
सारी देह अंगारे-सी दहक रही है।’
उत्तर:
विनोद बुखार से पीड़ित है। वुखार के कारण उसका शरीर अंगारे की भाँति दहक रहा है; अर्थात् उसे अत्यधिक बुखार है। इससे उसका शरीर बहुत गरम है।

प्रश्न नीचे उच्चारण में पर्याप्त समानता और आंशिक अंतर वाले शब्द दिए गए हैं। इनके अर्थ भिन्न-भिन्न हैं। उदाहरण के अनुसार इनके अर्थ लिखिए –
अतुल-अतल, अभय-उभय, आकर-आकार, आभरण-आवरण, बलि-बली, प्रसाद-प्रासाद, शोक-शौक, शकल-सकल, ग्रह-गृह, शर-सर, अनिल-अनल।
उत्तर:

  • अतुल – असीम
    अतल – अथाह।
  • अभय – निडर
    उभय – दोनों।
  • आकर – खजाना
    आकार – रूप।
  • आभरण – आभूषण
    आवरण – ढकना।
  • बलि – चढ़ावा
    बली – सशक्त।
  • प्रसाद – देवताओं को चढ़ाई गई वस्तु
    प्रासाद – महल।
  • शोक – दुख
    शौक – चाह, रुचि।
  • शकल – सुन्दर
    सकल – समस्त।
  • ग्रह – नक्षत्र
    गृह – घर।
  • शर – बाण
    सर – तालाब।
  • अनिल – वायु
    अनल – आग।

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