MP Board Solutions Class 10th Hindi Chapter 5 कर्मवीर

In this article, we will share MP Board Class 10th Hindi Book Solutions Chapter 5 कर्मवीर (अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’) Pdf solutions file.

1. रिक्त स्थानों की पूर्ति दिए गए विकल्पों में से उचित शब्द के चयन से कीजिए।

1. कर्मवीर अनेक प्रकार के विघ्न आने पर नहीं ……………..हैं। (घबराते, पछताते)
2. भाग्य के भरोसे रहते हैं. …………। (कर्मवीर, आलसी)
3. करोड़ों की संपदा मन से जोड़ते हैं ………….। (कर्मवीर, सुविधाभोगी)
4. एक बार काम को आरंभ करके बीच में …………………. छोड़ देते हैं। (कर्महीन, – साहसी)
5. कर्मवीरों का गौरवपूर्ण इतिहास है ……………….। (आध्यात्मिक विकास, भौतिक विकास)

उत्तर-
1. घबराते,
2. आलसी,
3. सुविधाभोगी,
4. कर्महीन,
5. भौतिक विकास।

2. दिए गए कथनों के लिए सही विकल्प चुनिए

1. देखकर बाधा विविध
(क) पछताते नहीं,
(ख) देखते नहीं,
(ग) मानते नहीं,
(घ) घबराते नहीं।
उत्तर-
(घ) घबराते नहीं।

2. काम कितना हो कठिन, किंतु.
(क) उकताते नहीं,
(ख) समझते नहीं,
(ग) पछताते नहीं,
(घ) करते नहीं।
उत्तर-
(क) उकताते नहीं,

3. घने जंगलों में रहता है अंधेरा
(क) एक पहर,
(ख) दोनों पहर,
(ग) आठों पहर,
(घ) चारों पहर।
उत्तर-
(ग) आठों पहर,

4. आसमान के फूल बातों से नहीं
(क) करते हैं,
(ख) तोड़ते हैं,
(ग) चुनते हैं,
(घ) समझते हैं।
उत्तर-
(ख) तोड़ते हैं,

5. जंगलों में रचा देते हैं
(क) शहर,
(ख) मेला,
(ग) मंगल,
(घ) गाँव।
उत्तर-
(ग) मंगल,

3. सही जोड़ी का मिलान कीजिए

दादा कामरेड – सरदारपूर्ण सिंह
रोटी का राग – दिवाकर वर्मा
तुलसी के राम – श्रीमन्नारायण अग्रवाल
चन्दन वन में राम – डॉ. प्रेमभारती
आचरण की सभ्यता – यशपाल
उत्तर-
दादा कामरेड – यशपाल
रोटी का राग – श्रीमन्नारायण अग्रवाल
तुलसी के राम – डॉ. प्रेमभारती
चन्दन वन में आग – दिवाकर वर्मा
आचरण की सभ्यता – सरदारपूर्ण सिंह।

4. निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य? वाक्य के आगे लिखिए-

1. ‘हरिऔध’ का पूरा नाम है-अयोध्यासिंह उपाध्याय
2. ‘कर्मवीर’ कविता में कर्म की चेतना है।
3. कर्मवीरों के कभी बुरे दिन नहीं आते हैं।
4. किसी काम को बीच में छोड़ने का लाभ होता है।
5. कर्मवीर हर समय फूले-फले रहते हैं।

MP Board 10th Hindi Chapter 5 कर्मवीर question answer Solutions
उत्तर-
1. सत्य,
2. सत्य,
3. असत्य,
4. असत्य,5. सत्य

5. एक शब्द में उत्तर दीजिए-

1. भाग्य के भरोसे रहना चाहिए।
2. भीड़ में कौन चंचल बनते हैं?
3. क्या कर्मवीर कभी नाकाम होते हैं?
4. क्या कर्मवीर काम को आरंभ करके बीच में छोड़ देते हैं?
5. कर्मवीरों ने किसकी सारी क्रिया निकाली है?
उत्तर-
1. नहीं,
2. कर्मवीर,
3. नहीं,
4. नहीं,
5. कर्मवीर।

कर्मवीर लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

(क) ‘कर्मवीर’ कविता में किसका उल्लेख है?
उत्तर-
‘कर्मवीर’ कविता में कर्मवीरों का उल्लेख है।

(ख) विघ्नों के बार-बार आने पर कर्मवीर क्या करते हैं?
उत्तर-
विघ्नों के बार-बार आने पर कर्मवीर उनसे घबड़ाते नहीं हैं, अपितु उनका डटकर सामना करते हैं।

(ग) घने जंगल में क्या रहता है?
उत्तर-
घने जंगल में आठों पहर घना अंधेरा रहता है।

कर्मवीर लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर 

प्रश्न 1.
कवि ने कर्मवीर किसे कहा है?
उत्तर-
कवि ने असंभव को संभव कर दिखाने वाले को कर्मवीर कहा है।

प्रश्न 2.
भाग्य के भरोसे कौन नहीं रहता है?
उत्तर-
कर्मवीर भाग्य के भरोसे नहीं रहता है।

प्रश्न 3.
बुरे दिन भी भले कब हो सकते हैं?
उत्तर-
बुरे दिन भी भले तब हो सकते हैं, जब कर्मवीर शीघ्र ही अपने बुरे दिनों को अच्छे दिनों में बदलने में लग जाते हैं।

प्रश्न 4.
‘संपदा मन से करोड़ों की नहीं जो जोड़ते’ का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
‘संपदा मन से करोड़ों की नहीं जो जोड़ते’ का आशय यह है कि कर्मवीर अपने वर्तमान-भविष्य की तनिक भी चिंता नहीं करते हैं। उन्हें अपने सुख-आराम का कुछ भी ध्यान-ख्याल नहीं होता है। वे तो परोपकार और परमार्थी ही होते हैं।

प्रश्न 5.
‘कर्मवीर’ कविता से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर-
‘कर्मवीर’ कविता एक प्रेरक और भाववर्द्धक कविता है। फलस्वरूप इस कविता से हमें अनेक प्रकार की प्ररेणा मिलती है। हमें किसी प्रकार की कठिनाइयों से घबड़ाना नहीं चाहिए। हमें भाग्यवादी नहीं बनना चाहिए। कितना भी कठिन काम क्यों न हो, हमें उसे देखकर घबड़ाना नहीं चाहिए। इस प्रकार की हमें अनेक प्रेरणाएँ प्रस्तुत कविता से मिलती हैं।

कर्मवीर दीर्घ-उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
कर्मवीर मनुष्य की विशेषताएँ लिखिए।।
उत्तर-
देखिए-कविता का सारांश।

प्रश्न 2.
कर्मवीर मनुष्य के मार्ग में कैसी-कैसी बाधाएँ आती हैं?
उत्तर-
कर्मवीर मनुष्य के मार्ग में अनेक प्रकार की बाधाएँ आती हैं। कभी उनके सामने आकाश को छूने वाले पहाड़ों के शिखर आ जाते हैं। तो कभी आठों पहर अंधेरा से भरे जंगल। उनके सामने कभी विशाल समुद्र की गरजती हुई लहरें और चारों ओर फैली हुई भयानक आग की लपटें आ जाती हैं।

प्रश्न 3.
किसी भी कार्य को बीच में न छोड़ने से क्या लाभ होता है?
उत्तर-
किसी भी कार्य को बीच में न छोड़ने से लाभ यह होता है कि वह कार्य पूरा हो जाता है। इससे बड़ी राहत और खुशी मिलती है।

प्रश्न 4.
कर्मवीर कौन-कौन से बड़े काम करके दिखा देते हैं?
उत्तर-
कर्मवीर अनेक प्रकार के बड़े-बड़े काम करके दिखा देते हैं। वे पर्वतों को काटकर सड़कें बना देते हैं। रेगिस्तान में नदियाँ बहा देते हैं। समुद्र की गहराइयों में बेड़ा चला देते हैं और जंगलों में भी यह मंगल रचा देते हैं।

प्रश्न 5.
‘जंगलों में भी महामंगल रचा देते हैं।’ इस पंक्ति का भाव विस्तार कीजिए।
उत्तर-
‘जंगलों में भी महामंगल रचा देते हैं। इस पंक्ति का भाव यह है कि कर्मवीर बड़े बहादुर होते हैं। उनमें असंभव को संभव कर दिखाने की पूरी क्षमता होती है। इस प्रकार उनके लिए कोई भी चीज़ बड़ी या छोटी नहीं होती है और न तो दुख और न कष्टकर।

कर्मवीर योग्यता-विस्तार

प्रश्न 1.
यह कविता कठोर परिश्रम करने की प्रेरणा देती है। इसी भाव पर आधारित अन्य कवियों की कविताएँ खोजकर पढ़िए।

MP Board Class 10th Hindi Chapter 5 Solutions

प्रश्न 2.
कर्मवीर की तरह धर्मवीर, दयावीर और दानवीर भी होते हैं। इन तीनों प्रकार के वीरों के चरित्र संकलित कीजिए।

प्रश्न 3.
कर्मवीर एक महत्त्वपूर्ण पत्रिका रही है। इसी प्रकार की मध्यप्रदेश से प्रकाशित हिंदी पत्रिकाओं के नाम लिखिए।
उत्तर-
उपर्युक्त प्रश्नों को छात्र/छात्रा अपने अध्यापक/अध्यापिका की सहायता से हल करें।

कर्मवीर योग्यता-विस्तार

प्रश्न (क)
‘कर्मवीर असंभव को संभव कर देते हैं’-यह बात कवि किन पंक्तियों में व्यक्त की है? उन्हें पढ़कर सुनाइए।
उत्तर-
‘कर्मवीर असंभव को संभव कर देते हैं।’ यह बात कवि ने निम्न पंक्तियों में व्यक्त की है चिलचिलाती धूप को जो चाँदनी देवें बना। काम पड़ने पर करें जो शेर का भी सामना. (mp board solutions) जो कि हँस-हँस के चबा लेते हैं लोहे का चना। है कठिन कुछ भी नहीं जिनके है जी में यह ठना॥ कोस कितने ही चलें पर वे कभी थकते नहीं। कौन सी है गाँठ जिसको खोल वे सकते नहीं।

प्रश्न (ख)
कवि के मन में संपन्न देशों की सफलता का कारण क्या है?
उत्तर-
कवि कर्मवीर व्यक्तियों के परिश्रम को संपन्न देशों की सफलता का कारण मानता है। आज जितने भी देश, संपन्न और उन्नत दिखाई देते हैं, वे ऐसे ही संपन्न और उन्नत नहीं हो गए। कर्मवीर, अध्यवसायी और साहसी व्यक्तियों के प्रयत्नों से ही वे उन्नत हुए हैं।

प्रश्न (ग)
किस प्रकार के लोग जीवन में असफल होते हैं?
उत्तर-
निठल्ले, निकम्मे, आलसी, भाग्य भरोसे रहने वाले व्यक्ति जीवन में असफल रहते हैं। जो व्यक्ति काम को मन लगाकर नहीं करते, काम को शुरू करके, उसे बीच में अधूरा छोड़ देते हैं, वे भी जीवन में सफल नहीं हो पाते। जो लोग विघ्न और बाधाओं को देख घबरा जाते हैं, वे भी जीवन में सफल नहीं हो पाते।

प्रश्न (घ)
जीवन में दुखी होकर कौन लोग पश्चात्ताप करते हैं?
उत्तर-
जो लोग आलसी और कर्महीन होते हैं और केवल दिवास्वप्न देखने में ही लगे रहते हैं, वे लोग जीवन में दुखी होकर पश्चात्ताप करते हैं। जो अपना कार्य मन लगाकर नहीं करते और कोई बाधा या विघ्न पड़ने पर अपना कार्य बीच में अधूरा छोड़ देते हैं, वे लोग ही जीवन में दुखी और पश्चात्ताप करते देखे गए हैं।

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