Model Paper 2 

प्रशन No.1:   प्रकृतिक ने हमें क्या-क्या प्रदान किया है , बताइये ?
उत्तर: प्रकृतिक ने हमें अनेक प्रकार की वस्तुएँ। प्रदान की हैं। प्रकृतिक ने हमें स्वर्ग सामान सुख, अमृतमय जल वाली नदियां,रसीले फल, कंद,अनाज, मेवे, सुगन्धित फूल, मैदान-पहाड़ और वनो में लहराती हरयाली, बहुमूल्य रत्नो की खान समुद्र और धन से लदी धरती प्रदान की है। 

प्रशन No.2 : नदी की धार और ठंढी हवा से किया आशय है ?
उत्तर: कवी का नदी के धार से आशय जीवन के प्रवाह और ठंढी हवा से आशय जीवन में आशा से है। नदी जीवन का प्रतिक है और उसकी धार जीवन की विभिन्न परस्थितियों को प्रकट कर रही है।  ठंढी हव शान्ति और संतोष का प्रतीक बनी है। आशय यह है की विषम परस्थितियों से भरे जीवन में दुःख भले ही है, परन्तु आशा और विश्वास  का भाव सदैव विद्धमान रहता है। 

प्रशन 3  : तुम  वही दीपक बनोगे' कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिये।  
उत्तर: यह कविता देश की युवा पीढ़ी को समर्पित और संबोधित है। वर्तमान समय में चारों  तरफ अविश्वास का अंधकार छाया हुआ है जिसे भेद कर युवा वर्ग ही दीप सा प्रकाश दे सकता हैं।  कवी को विश्वास है की युवा वर्ग आज के विषैले समाज को अपने मधुर राग से, त्रसित मानवता को अपने जोश एंव द्रढ़ निश्चय से अमृतमय कर सकता है।  

प्रशन 4  :  'सुखी डाली एकांकी के माध्यम से संयुक्त परिवार के आवश्यकता और अच्छाइयों की ओर संकेत किया गया है। इसे समझाइये।  
उत्तर:  लेखक ने 'सुखी डाली' में बताया है की संयुक्त परिवर्त के अनेक लाभ है।  परिवार के सभी लोग साथ रहते है तो सुख - दुःख सभी में बँट जाता है एक का दुःख और सुख सबका होता है यदि एकाकी व्यक्ति है तो वह दुःख में परेशान हो जायेगा कठिनाइयों का हल खोजने में सभी का सहयोग रहेगा तो हर कठिनाई आसानी से ख़तम हो जाएगी।लेकिन अकेला आदमी सोच-सोच कर परेशान हो जायेगा। मिल जुलकर हर मुश्किल और कामो को मिनटों में ख़त्म किया जा सकता है और भी बहुत संयुक्त परिवार में रहने के अच्छाइया और लाभ,हैं। 

सम्राटअशोक की चरित्र की विशेषताओं का उल्लेख कीजिये।
  सम्राट अशोक के चरित्र की विशेषताएं निम्नलिखित हैं-
(1 ) सम्राट अशोक वीर एंव परम् योद्धा था।
(2  ) अशोक का चरित्र गतिशील था जिसके कारण परिस्थितियों को अनुकूल उसके स्वभाव में परिवर्तन हो जाता है।
(3) अशोक स्त्रियों का सम्मान करता था।
(4) वह द्र्ढ निश्चयी  था।
 (5)अशोक  के ह्दय में कोमलता एंव करुणा के भाव भी थे।