MP Board Class 12th Hindi Makrand Chapter 1 सूर के बालकृष्ण Solutions

MP Board Class 12th Hindi Makrand Solutions Chapter 1 सूर के बालकृष्ण (कविता, सूरदास) with pdf file solutions from latest MP Board Book.

सूर के बालकृष्ण पाठ्य-पुस्तक पर आधारित प्रश्न

सूर के बालकृष्ण योग्यता-विस्तार

प्रश्न 1. गाय चराते हुए कृष्ण का एक सुन्दर चित्र बनाने का प्रयास कीजिए तथा उसे चित्र प्रदर्शनी में प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 2. वात्सल्य विषयक अन्य कवियों की रचनाओं का संकलन कीजिए।
उत्तर:
छात्र तुलसीदास, सुभद्रा कुमारी चौहान आदि की कविताओं का संकलन कर सकते हैं।

प्रश्न 3. कृष्ण की बाल लीलाओं से संबंधित चित्रों का संकलन कर एलबम बनाइए।
उत्तर:
कृष्ण की बाल लीलाओं के चित्र बाजार में उपलब्ध हैं। छात्र उनको प्राप्त कर एलबम स्वयं बना सकते हैं।

प्रश्न 4. आधुनिक काल के उन कवियों की सूची बनाइए जिन्होंने कृष्ण-चरित्र को अपने काव्य का विषय बनाया।
उत्तर:
छात्र अपने विषय अध्यापक की सहायता से सूची स्वयं बनाएँ।

सूर के बालकृष्ण परीक्षोपयोगी अन्य महत्वपूर्ण

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
‘आजु मैं गाइ चरावन जैहौं’ पद के रचयिता हैं –
(क) नन्ददास
(ख) मीराबाई
(ग) सूरदास
(घ) तुलसीदास
उत्तर:
(ग) सूरदास। (घ) चौक में

प्रश्न 2. ब्रज के लोग अत्यंत भयभीत क्यों हो गए?
(क) कंस की ललकार सुनकर
(ख) श्रीकृष्ण की चीख सुनकर
(ग) वादलों की गर्जना सुनकर
(घ) कालिया नाग की फुफकार सुनकर
उत्तर:
(ग) बादलों की गर्जना सुनकर।

प्रश्न 3. सूरदास किसके अनन्य भक्त थे?
(क) श्रीकृष्ण के
(ख) श्रीराम के
(ग) भगवान विष्णु के
(घ) भगवान महादेव के
उत्तर:
(क) श्रीकृष्ण के।

प्रश्न 4. यशोदा श्रीकृष्ण को अकेला कहाँ छोड़कर गईं?
(क) आँगन में
(ख) णलने में
(ग) नंद के पास
उत्तर:
(क) ऑगन में।

प्रश्न 5. ‘पर्यो आपनी टेक’ में ‘टेक’ शब्द का अर्थ है –
(क) टिकना
(ख) ठिकाः
(ग) हठ
(घ) हटा
उत्तर:
(ग) हठ।

प्रश्न 6. ‘लाड़ लडैतें’ का अर्थ है –
(क) प्यार से लड़ना
(ख) लाड़ला बालक
(ग) लाड़-प्यार करना
(घ) लाड़ लड़ाना
उत्तर:
(ख) लाड़ला बालक।

प्रश्न 7. यशोदा श्रीकृष्ण को नहाने के लिए कैसे मनाती हैं?
(क) माखन-रोटी देकर
(ख) जो कुछ माँगते उसे देकर
(ग) लाड़-प्यार से पुचकारकर
(घ) जबरदस्ती पकड़कर
उत्तर:
(ख) जो कुछ माँगते उसे देकर।

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II. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें:

  1. सूरदास ने श्रीकृष्ण के ………. का वर्णन किया है। (बालरूप/यौवनरूप)
  2. माँ ……… ने श्रीकृष्ण का पालन-पोषण किया था। (देवकी/यशोदा)
  3. बड़े होने पर श्रीकृष्ण ………. के राजा बन गए। (बनारस/मथुरा)
  4. श्रीकृष्ण को खाने में ………. पसंद था। (माखन-रोटी/दही-रोटी)
  5. सूरदास ने अपनी कविता में …….. भाषा का प्रयोग किया है। (अवधी/ब्रज)
  6. सूरदास ………. अनन्य भक्त थे। (श्रीराम के/श्रीकृष्ण के)

उत्तर:

  1. बालरूप
  2. यशोदा
  3. मथुरा
  4. माखन-रोटी
  5. ब्रज
  6. श्रीकृष्ण के।

III. निम्न कथनों में सत्य/असत्य छाँटिए:

  1. श्रीकृष्ण स्नान करने के बड़े शौकीन थे।
  2. माँ देवकी, उद्धव के माध्यम से यशोदा को संदेश भेजती हैं।
  3. माँ यशोदा श्रीकृष्ण को बहुत प्यार करती थीं।
  4. श्रीकृष्ण इतने संकोची थे कि माँ यशोदा की हर बात चुपचाप मान – लेते थे।
  5. श्रीकृष्ण गाय चराने के लिए बन जाने को लालायित थे।
  6. सोइ-सोइ, क्रम-क्रम में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है।
  7. ब्रज के लोग बादलों की गर्जना सुनकर अत्यंत भयभीत हो गए। (M.P. 2009)

उत्तर:

  1. असत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. असत्य
  5. सत्य
  6. सत्य
  7. सत्य।

IV. निम्न के सही जोड़े मिलाइए:

उत्तर:

  1. (घ)
  2. (ग)
  3. (क)
  4. (ङ)
  5. (ख)।

V. निम्न प्रश्नों के उत्तर एक शब्द अथवा एक वाक्य में दीजिए:

  1. श्रीकृष्ण की असली माँ कौन थीं?
  2. श्रीकृष्ण का स्वभाव कैसा था?
  3. माँ यशोदा किसके माध्यम से देवकी के पास संदेश भेजती हैं?
  4. ‘कमल बदन’ में कौन-सा अलंकार है?
  5. श्रीकृष्ण ने क्या निश्चय कर लिया है?

उत्तर:

  1. श्रीकृष्ण की असली माँ देवकी थीं।
  2. श्रीकृष्ण का स्वभाव संकोची था।
  3. उद्धव के माध्यम से।
  4. रूपक अलंकार।
  5. श्रीकृष्ण ने वन जाकर गाय चराने का निश्चय कर लिया है।

सूर के बालकृष्ण लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. बालक कृष्ण वृंदावन जाने को लालायित क्यों हैं?
उत्तर:
बालक कृष्ण वृंदावन जाने के लिए इसलिए लालायित हैं क्योंकि वह वृंदावन में अनेक प्रकार के फलों को अपने हाथों से तोड़कर खाना चाहते हैं।

प्रश्न 2. गोचारण हेतु जाने के लिए कृष्ण क्या तर्क देते हैं?
उत्तर:
गोचारण हेतु जाने के लिए कृष्ण तर्क देते हैं कि माँ मुझे तेरी सौगंध कि मुझे न तो गर्मी लगती है, न ही भूख-प्यास सताती है। मैं तो गोचारण के लिए अवश्य जाऊँगा।

प्रश्न 3. यशोदा अपने आपको कृष्ण की धाय क्यों कहती हैं?
उत्तर:
यशोदा ने कृष्ण को जन्म नहीं दिया था। उन्होंने केवल उनका पालन-पोषण किया था इसलिए वह स्वयं को कृष्ण की धारा कहती हैं।

सूर के बालकृष्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
यशोदा ने कृष्ण को वन की क्या-क्या कठिनाइयाँ बताईं? (M.P. 2010)
उत्तर:
यशोदा ने कृष्ण को वन की निम्नलिखित कठिनाइयाँ बताईं –

  1. वन बहुत दूर है। तुम छोटे-छोटे पाँवों से चलकर कैसे जाओगे।
  2. वन से घर लौटते हुए रात हो जाती है।
  3. अतः घर से जाओगे और रात को घर लौटोगे। भूख-प्यास से व्याकुल्हो जाओगे।
  4. धूप में गायों के पीछे-पीछे घूमते रहने के कारण तुम्हारा कमल के समान कोमल शरीर मुरझा जाएगा।

प्रश्न 2.
बालकृष्ण को देखकर माता यशोदा के हृदय में कौन-कौन-सी अभिलाषाएँ जागती हैं?
उत्तर:
बालकृष्ण को देखकर माता यशोदा के हृदय में कई अभिलाषाएँ जगती हैं, जैसे-कृष्ण घुटनों के बल चलें, उनके दूध के दो दाँत निकलें, तोतली बोली में वे नंद को बाबा और उन्हें माता कहकर पुकारें, आँचल पकड़कर बालहठ करें, अपने हाथों से थोड़ा-थोड़ा खाकर अपना मुख भरें, सभी दुखों को दूर करने वाली अपनी मधुर हँसी बिखेरें।

प्रश्न 3.
यशोदा ने देवकी को क्या संदेश भेजा? (M.P. 2009, 2012)
उत्तर:
यशोदा ने देवकी से संदेश में कहा कि मैं तो कृष्ण का पालन-पोषण करने वाली धाय हूँ। मैं तमसे विनती करती हैं कि तुम बालक कृष्ण पर ममता, दया करती रहना। उसके प्रति कठोरता का व्यवहार मत करना। श्रीकृष्ण को प्रातःकाल माखन-रोटी अच्छी लगती है इसलिए उसे प्रातःकाल माखन रोटी ही देना। वह बड़ी मुश्किल से स्नान करता है। तुम उसकी सभी फरमाइशों को पूरा करके उसे स्नान के लिए मनाना, तभी वह तेल, उबटन और गर्म पानी से स्नान करेगा अर्थात् उसकी रुचियों और आदतों का ध्यान रखना। कृष्ण संकोची स्वभाव का है, अतः वह अपने मुख से कुछ नहीं कहेगा। देवकी तुम्हें ही उसकी रुचियों और आदतों का ध्यान रखना पड़ेगा।

सूर के बालकृष्ण लघु उत्तरीय प्रश्न.

प्रश्न 1.
सूरदास ने श्रीकृष्ण के किस रूप का वर्णन किया है?
उत्तर:
सूरदास ने श्रीकृष्ण के बाल-रूप का वर्णन किया है।

प्रश्न 2.
‘जसुमति मन अभिलाष करै’ पद में यशोदा की किन अभिलाषाओं का चित्रण किया गया है?
उत्तर:
इस पद में यशोदा की शिशुपरकी अभिलाषाओं का चित्रण किया है।

प्रश्न 3.
यशोदा किसके द्वारा किसे संदेश भेजती हैं?
उत्तर:
यशोदा कृष्ण के अनन्य मित्र उद्धव के द्वारा देवकी को संदेश भेजती हैं।

प्रश्न 4.
कृष्ण अपनी किस बात पर अड़े हुए हैं?
उत्तर:
कृष्ण गाय चराने के लिए जाने की बात पर अड़े हुए हैं।

प्रश्न 5.
माता यशोदा कृष्ण की किस प्रकार की हँसी की अभिलाषा करती हैं?
उत्तर:
माता यशोदा कृष्ण के समस्त दुखों को दूर करने वाली मधुर हँसी की अभिलाषा करती हैं।

प्रश्न 6.
श्रीकृष्ण की हँसीयुक्त छवि की क्या विशेषता है?
उत्तर:
श्रीकृष्ण की हँसीयुक्त छवि की यह विशेषता है कि उससे सारे दुख दूर हो जाते हैं।

प्रश्न 7.
श्रीकृष्ण क्या देखकर भाग जाया करते थे और क्यों?
उत्तर:
श्रीकृष्ण तेल, उबटन और गर्म पानी देखकर भाग जाया करते थे ताकि नहाना न पड़े।

प्रश्न 8.
यशोदा ने श्रीकृष्ण का निश्चय सुनकर क्या किया?
उत्तर:
यशोदा ने श्रीकृष्ण का निश्चय सुनकर उन्हें समझाने का प्रयास किया।

सूर के बालकृष्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मथुरा जाकर कृष्ण राजा हो गए, फिर भी. माता का हृदय उन्हें किस रूप में अनुभव करता है?
उत्तर:
मथुरा जाकर कृष्ण राजा बन गए। निस्संदेह वे बड़े हो गए। पूरी मथुरा की जिम्मेदारी उन्होंने अपने कंधों पर उठा ली लेकिन माता का हृदय उन्हें कभी भी बड़ा स्वीकार नहीं करता। उनका हृदय तो सदैव अपने पुत्र को शिशु रूप में ही अनुभव करता है। माता यशोदा के लिए तो वे सदैव बच्चे ही रहते हैं।

प्रश्न 2.
यशोदा और देवकी में से कृष्ण पर किसका अधिकार अधिक है औरक्यों?
उत्तर:
यशोदा और देवकी में से कृष्ण पर यशोदा का अधिकार अधिक है। देवकी ने कृष्ण को जन्म दिया था, परंतु उनका पालन-पोषण करने के लिए उन्हें यशोदा नर से नारायण के पास भेज दिया था। यशोदा ने बड़े लाड़-प्यार से कृष्ण का पालन-पोषण किया। इस कारणं कृष्ण पर उनका अधिकार अधिक है, न कि देवकी का।

प्रश्न 3.
यशोदा ने देवकी को क्या संदेश भेजा? (M.P. 2009, 2012)
उत्तर:
यशोदा ने देवकी को यह संदेश भेजा कि मैं तो कृष्ण का पालन-पोषण करने वाली धाय थी, लेकिन तुम तो वास्तविक माँ हो इसलिए उस पर दया करते रहना। कृष्ण को मक्खन-रोटी बहुत पसंद है। वह गर्म जल से स्नान नहीं करना चाहता है। वह तेल-उबटन देखकर भागने लगता है। मैं तो उसकी इच्छानुसार उसे सारी चीजें देती थी। तुम भी उसकी इच्छाओं का ध्यान रखना।

प्रश्न 4.
श्रीकृष्ण ने माता यशोदा से क्या हठ किया?
उत्तर:
श्रीकृष्ण ने माता यशोदा से यह हठ किया कि वह वन में अवश्य जाएँगे। उन्होंने तर्क देकर कहा-माँ! तेरी कसम, वंन में मुझे न गरमी, न भूख, न प्यास और न ही कोई चीज परेशान करेगी। इसलिए मैं वन में अवश्य जाऊँगा।

सूर के बालकृष्ण कवि-परिचय

प्रश्न 1.
सूरदास का संक्षिप्त जीवन-परिचय देते हुए उनकी साहित्यिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
जीवन-परिचय:
सूरदासजी भक्तिकाल की सगुण भक्तिधारा के प्रमुख कवि थे। वे कृष्ण भक्त थे। उनका जन्म वैशाख शुक्ल पंचमी को विक्रम संवत 1535 (सन् 1478 ई०) रुनकता नामक गाँव में हुआ था। कुछ विद्वानों का मत है कि सूर का जन्म दिल्ली के पास सीही नामक ग्राम में एक निर्धन सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। सूरदासजी विट्ठलनाथ द्वारा स्थापित अष्टछाप के अग्रणी कवि थे। वे वृंदावन के गऊघाट पर जाकर रहने लगे थे। वहाँ वे भक्तिमय विनय के पद गाते थे, जिनमें दैन्य भाव की प्रधानता थी। वल्लभाचार्य ने इन्हें पुष्टिमार्ग में दीक्षित किया और भगवद्लीला से परिचित कराया। उनके आदेश से आप ‘गोकुल में श्रीनाथजी के मंदिर में कीर्तन करने लगे और आजन्म वहीं रहे। उनका देहावसान विक्रम संवत 1642 में हो गया।

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