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हमें पृथ्वी को खाली करना पड़े तो क्या होगा?

एक एस्ट्रोइड पृथ्वी की तरफ तेजी से आ रहा है. ये पूरी दुनिया छः महीनो में तबाह होने वाली है।

तो आप क्या करेंगे ? क्या आपके पास पृथ्वी को खली करने का समय है? हम कहाँ जायेंगे? कैसे जायेंगे ?

यह है Science Hindi और आप पढ़ रहे है हमें पृथ्वी को खली करना पड़े तो क्या होगा?

छः महीनो में 7.7 बिलियन लोगों को बहार निकलना असल में एक जादू होगा। इसे सम्भावना के रूप में  दिखने के लिए इतिहास में सबसे बड़ा काम 2005 में जब करीब २.5 मिलियन लोग हूस्टन टेक्सास से रीटा हरिकेन से बचने के लिए भागे थे। इससे होना वाला ट्रैफिक जैम करीब सो मिल लम्बा था,जिसमे कई परिवार अपनी गाडिओं में 24 घंटे कैद रहे थे.

लेकिन हम इस बार ऐसे एक निकास की बात कर रहे हैं, जो इसका 3,080 गुना है, और जिसमे अंतरिक्ष का सफर शामिल है।

क्या हम बर्बाद हो जायेंगे? हर इंसान को इस पृथ्वी से सुरक्षित निकलने के लिए हमें  कम से कम 750 मिलियन रॉकेटों की जरुरत पड़ेगी।

और ये सिर्फ लोगों और उन  के पहने कुछ कपड़ों के लिए होगा। राकेट की इस संख्या में इक्विपमेंट, ऑक्सीजन, खाना और टॉयलेट पेपर ले जाना शामिल नहीं है।

अगर आप इस सामान को ढ़ोने  की कमी को पूरा कर भी लें, आप इनधन की कमी को कैसे पूरा करेंगे ?

सबसे अच्छी इस्थिति में हम विश्व के सरे नुक्लेअर आर्सनल को टेक के तुरंत बाद खोल देंगे, और वो विस्फोट हमें अंतरिक्ष में धकेल देंगे।

और सच्चे मानवीय तरीके के अनुसार, हम पृथ्वी को किसी एस्ट्रोइड के तबाह करने से पहले ही पृथ्वी को तबाह कर देंगे।

क्या हो अगर किसी तरह इस गृह से काफी रसौर्सेस के साथ एक नई  जिंदगी बनाने के लिए चले जाएँ? लेकिन कहाँ ?

केप्लेर स्पेस टेलिस्कोप का इस्तेमाल कर वैज्ञानिकों ने 50 ऐसे ग्रहों की खोज की है, जो मानवीय जीवन को कायम रख सकते हैं।

लेकिन सवाल ये है की क्या इन्शान स्पेस में ज्यादा समय तक जिन्दा रहने के लिए तैयार है या नहीं ?

हाल ही में नासा की ट्विन्स स्टडी में पता चला की एस्ट्रोनॉट स्कॉट केलि, जिन्होंने इंटर्ननेशनल स्पेस स्टेशन पर पृथ्वी की कक्षा के चक्कर लगते हुए 344 दिन बिताये वे अपने जुड़वाँ भाई मार्क जो पृथ्वी पर थे, उनके मुकाबले अनुवांशिक तबदीली का सामना करना पड़ा और उन्होंने अपनी ज्ञानात्मक क्षमता में भी कमी महसूस की।

लेकिन वैज्ञानिको और व्यवसायिओं के एक साथ मंगल और चाँद पर कब्जे की कोसिस के बिच सायद हम इन दोनों में से किसी एक को अपने रहने लायक बना ले लेकिन अगर इन दोनों में से किसी में यह नहीं हो पाया तो हम इंटर नेशनल स्पेसस्टेशन में रह रहे होंगे जो की बहुत बड़ा होगा।

लेकिन एस्ट्रोनॉमिकल खर्चे को देखते हुए और इसे कायम रखने के लिए लगने वाली टेकनोलॉजी और रिसौर्सेस से ये तरीका भी संभव नहीं लगता।

असल में इनमे से किसी भी तरीको को संभव होने के लिए हमें कम से कम एक हजार साल चाहिए होंगे इन तकनीकों को बेहतर और कम खर्च के लिए।

लेकिन क्या मानव सभ्यता इतने लम्बे समय तक रहेगी ? इस गृह पर बहुत परभाव साली लोग हैं, पर क्या हम पृथ्वी से ज्यादा समझदार हैं जिस तरह उसे नुकसान पहुंचा रहें है।

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