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इस अनोखे खगोलीय घटना से जुड़ी हर बातें

खगोलीय घटना पर नज़र रखने वालों के लिए 16 और 17 जुलाई का दिन बेहद ही अहम है। क्योंकि इस दिन आंशिक चंद्रग्रहण से सामना होगा। नाम से साफ है कि आंशिक चंद्रग्रहण के दौरान सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाएगी। Partial Lunar Eclipse का नज़ारा पूर देश को दिखेगा। भारतीय समय के अनुसार Chandra Grahan 16 जुलाई की रात 1 बजकर 31

मिनट पर शुरू होगा और 17 जुलाई की सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर समाप्‍त हो जाएगा। यह साल 2019 का आखिरी चंद्र ग्रहण है। इसे अफ्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिका के ज़्यादातर हिस्सों में देखा जा सकेगा।

इस चंद्र ग्रहण का वक्त बेहद ही रोचक है, क्योंकि चंद्रमा पर इंसान को ले जाने वाले अपोलो 11 मिशन की 50वीं सालगिरह भी मनाई जा रही है।

खगोलीय घटना Chandra Grahan 2019 के बारे में जानें सबकुछ…

जैसा कि हमने आपको पहले बताया, आंशिक Lunar Eclipse 2019 भारत के हर हिस्से से देखा जा सकेगा। पश्चिमी और मध्य इलाकों में रहने वाले सभी भारतीय इस अनोखे खगोलीय के गवाह बन पाएंगे। पूर्वी भारत के लोग लूनर इक्लिप्स का नज़ारा 17 जुलाई की सुबह में देख पाएंगे।

हमने आपको पहले ही बताया है कि 17 जुलाई को होने वाला यह आंशिक चंद्र ग्रहण साल 2019 का आखिरी चंद्रग्रहण होगा। इस साल जनवरी महीने में ही पूर्ण चंद्रग्रहण से सामना हुआ था।

क्या है आंशिक चंद्र ग्रहण?

जब-जब पृथ्वी सूरज और चंद्रमा के बीच आकर अपनी परछाई मंगल पर छोड़ता है। ऐसा होने से चंद्रमा से रोशनी का स्रोत छिप जाता है। ऐसे में चंद्रग्रहण की स्थित पैदा होती है। जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी के साये में छिप जाता है तो उसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं। जब चांद का सिर्फ एक हिस्सा छिपता है, उसे आंशिक चंद्र ग्रहण बुलाते हैं।

यह चंद्र ग्रहण कई मामलों में अनूठा है। क्योंकि ऐसा चंद्र ग्रहण करीब 149 साल पहले देखने को मिला था। आज ही के दिन भारत में गुरू पूर्णिमा मनाया जा रहा है। अगर आपको ज्योतिषी पर विश्वास है तो यह घटनाक्रम बहुत मायने रखता है।

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